शिक्षकों की नौकरी पर संकट, बिहार शिक्षा विभाग ने इन शिक्षकों के वेतन पर लगाई रोक

बिहार शिक्षा विभाग ने डिजिटल उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए ई-शिक्षा ऐप लागू किया था, ताकि शिक्षकों की नियमित उपस्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा सके। हालाँकि, रोहतास जिले के करगहर प्रखंड में 10 शिक्षकों ने बिना विद्यालय में उपस्थित हुए ऐप के जरिए फर्जी हाजिरी लगाकर वेतन प्राप्त किया, जिसका विभाग ने सख्त संज्ञान लिया है।

                                       इ शिक्षाकोष 

💡 पूरा मामला क्या है?


शिक्षा विभाग ने मई 2025 की उपस्थिति रिपोर्ट का विश्लेषण किया।

जांच में पाया गया कि ये शिक्षक बिना स्कूल में उपस्थित हुए ई-शिक्षा ऐप पर “पंक्चर” कर रहे थे।

विभाग ने तुरंत प्रभाव से इन 10 शिक्षकों का वेतन रोक दिया।


🚨 कार्रवाई के दायरे में कौन-कौन?


1. संतोष कुमार सिंह – मध्य विद्यालय, बसतलवा

2. खुशबू कुमारी, मयूरी गुप्ता – अकोढ़ी मध्य विद्यालय

3. धनंजय पासवान – मध्य विद्यालय, शाहमल खैरा

4. दिलीप कुमार – तोरनी मध्य विद्यालय

5. सनी राजवंता – मध्य विद्यालय, बकसड़ा

6. मीना देवी (प्रधानाध्यापिका) – मध्य विद्यालय, बिशोडिहरी एवं अन्य।


📌 विभाग का कड़ा रुख

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया।

स्पष्टीकरण यदि संतोषजनक नहीं पाया गया, तो सेवा समाप्ति की कार्रवाई की चेतावनी।

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मनोज राम ने कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

📲 डिजिटल फर्जीवाड़े के असर

पारदर्शिता लाने के लिए अपनाई गई तकनीक का दुरुपयोग खतरे की घंटी है।

यदि ऐसी प्रवृत्ति नहीं रुकी, तो हजारों शिक्षकों की नौकरियाँ भी जोखिम में पड़ सकती हैं।

📣 शिक्षक समाज बिहार  आपको समय-समय पर महत्वपूर्ण खबरों से अपडेट रखेगा। सभी शिक्षकगण अपने कर्तव्यों का पालन करें और विभागीय नियमों का सख्ती से पालन करें।

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