110 शिक्षकों पर बड़ी कार्रवाई — लापरवाही पर अब नहीं चलेगी छूट!
दिनांक: 8 अप्रैल 2025 | शिक्षक समाज बिहार
श्रेणी: शिक्षक अनुशासन और प्रशासनिक कार्रवाई | शिक्षक समाज बिहार
गोपालगंज, बिहार — विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और शिक्षकों की जवाबदेही तय करने के लिए बिहार शिक्षा विभाग ने अब पूरी सख्ती दिखानी शुरू कर दी है।
गोपालगंज जिले के कुचायकोट प्रखंड में ई-शिक्षा कोष ऐप पर उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले 110 शिक्षकों पर सीधे कार्रवाई करते हुए एक दिन का वेतन रोक दिया गया है। साथ ही, 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण नहीं देने पर विभागीय अनुशंसा की चेतावनी भी दी गई है।
आखिर मामला क्या है?
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अशोक कुमार सिंह ने सोमवार को एक बड़ा निर्णय लेते हुए उन सभी शिक्षकों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया जो समय से ई-हाजिरी नहीं बना पाए या निर्देशों की अनदेखी कर रहे थे।
"अब केवल रजिस्टर में उपस्थिति नहीं चलेगी, ऑनलाइन भी रहना होगा जिम्मेदार"
— प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी का सख्त संदेश
क्या है ई-शिक्षा कोष ऐप?
बिहार सरकार द्वारा लॉन्च किया गया यह ऐप शिक्षकों की डिजिटल उपस्थिति दर्ज करने का एक प्रभावी माध्यम है। इसका मकसद है:
- स्कूलों में पारदर्शिता बढ़ाना
- शिक्षक की उपस्थिति पर निगरानी रखना
- बच्चों की पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखना
शिक्षकों के लिए कड़ा संदेश:
- बिना सूचना गैर-हाजिरी = वेतन कटौती + विभागीय जांच
- देरी से उपस्थिति = सख्त चेतावनी
- स्पष्टीकरण न देने पर = वरिष्ठ अधिकारियों के पास अनुशंसा
शिक्षक समाज बिहार की अपील:
“एक शिक्षक केवल ज्ञान नहीं, अनुशासन और कर्तव्य का भी उदाहरण होता है।”
हर शिक्षक समय का पालन करे, तकनीकी माध्यमों से अपने कर्तव्य को निभाए, तभी शिक्षा व्यवस्था सशक्त बन पाएगी।
बिहार शिक्षा विभाग अब कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं करने के मूड में है।
"उपस्थिति की लापरवाही = कार्रवाई" — यह मंत्र अब प्रत्येक शिक्षक को याद रखना होगा।
शिक्षक समाज बिहार इस कार्रवाई को शिक्षा की गरिमा बनाए रखने की दिशा में एक जरूरी कदम मानता है।
शिक्षक समाज बिहार — सदैव आपके साथ
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