विशेष आकस्मिक अवकाश का नया नियम: महिला शिक्षिकाओं और सेविकाओं के लिए अतिरिक्त सुविधा

विशेष आकस्मिक अवकाश का नया नियम: महिला शिक्षिकाओं और सेविकाओं के लिए अतिरिक्त सुविधा

शिक्षक समाज बिहार | https://biharteacherssociety.blogspot.com
by R.B. Raj

बिहार राज्य सरकार ने नियमित सरकारी शिक्षिकाओं एवं महिला कर्मचारियों के लिए प्रत्येक माह दो दिनों का विशेष आकस्मिक अवकाश (Special Casual Leave) प्रदान करने का नया नियम जारी किया है। यह नियम वित्त विभाग के पत्र संख्या 3/एफ-2-01/92/1977 वि०, दिनांक 04-04-1992 के आधार पर लागू किया गया है। इस नियम के तहत, यह अवकाश कर्मचारियों को उनके सामान्य आकस्मिक अवकाश के अतिरिक्त मिलेगा, जिससे उनकी कार्य-जीवन संतुलन में सुधार होगा और उन्हें अतिरिक्त राहत मिलेगी।


मुख्य बिंदु एवं शर्तें

1. अवकाश की अवधि एवं पात्रता

  • प्रत्येक माह में 2 दिन:
    नियमित महिला शिक्षिकाओं और सेविकाओं को हर माह 2 दिनों का विशेष आकस्मिक अवकाश प्रदान किया जाएगा। यह अवकाश उनकी मौजूदा आकस्मिक छुट्टियों के अलावा दी जाएगी।
  • लंबी सेवा के लिए गणना:
    इस छुट्टी की अवधि को उनकी कुल सेवा अवधि में शामिल कर पेंशन के लिए भी गणना की जाएगी।
  • अनुपस्थित होने पर वेतन पर असर नहीं:
    इस अवकाश का उपयोग करने पर कर्मचारी को कर्तव्य से अनुपस्थित नहीं माना जाएगा और उनका वेतन भी नहीं रुकेगा।

2. छुट्टी की सामान्य शर्तें

  • नियत दिन नहीं:
    इस छुट्टी का उपयोग प्रत्येक माह में किसी भी लगातार 2 दिनों के लिए किया जा सकता है; इसमें किसी निश्चित तिथि या उम्र की बाध्यता नहीं है।
  • सार्वजनिक अवकाश एवं आकस्मिक अवकाश से अलग:
    इस छुट्टी को सार्वजनिक अवकाश, आकस्मिक अवकाश एवं रविवार के साथ मिलाकर कुल 12 दिनों से अधिक एक साथ नहीं लिया जा सकता।
  • छुट्टी का दावा पूर्वक नहीं किया जा सकता:
    आकस्मिक अवकाश का अधिकार पूर्वक दावा नहीं किया जा सकता; यदि आवश्यक स्थिति में छुट्टी नहीं दी जाती है, तो प्राधिकार द्वारा कम अवधि की छुट्टी मंजूर की जा सकती है।
  • निलंबित कर्मचारियों पर लागू नहीं:
    निलंबित शिक्षकों या कर्मचारियों का इस अवकाश के लिए दावा नहीं किया जाएगा।
  • अनुपस्थिति से होने वाली हानि का उत्तरदायित्व:
    यदि किसी सरकारी सेवक की अनुपस्थिति से लोक सेवा में हानि होती है, तो छुट्टी देने वाले और लेने वाले दोनों को उत्तरदायी ठहराया जाएगा।

3. महिला शिक्षिकाओं के लिए विशेष प्रावधान

  • महिला शिक्षिकाओं और सेविकाओं को उनकी शारीरिक संरचना, घरेलू सामाजिक दायित्वों और अन्य व्यक्तिगत कारणों के मद्देनजर यह छुट्टी दी गई है।
  • ध्यान रहे कि यह अवकाश महिला शिक्षिकाओं के मासिक धर्म (M.C) से संबंधित नहीं है, बल्कि इसे विशेष निजी एवं पारिवारिक जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए प्रदान किया गया है।

प्रभाव एवं प्रशासनिक कार्यवाही

  • यह नया नियम शिक्षकों के सामाजिक उत्थान और कार्यस्थल पर उनके मनोबल को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।
  • वेतन सुरक्षा तथा पेंशन गणना में भी इस छुट्टी का समावेश किया जाएगा, जिससे कर्मचारियों को दी जाने वाली लाभ राशि में सुधार आएगा।
  • प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा समय-समय पर इस नियम के अनुपालन की जांच की जाएगी और यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित कर्मचारी और प्रबंधक दोनों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।

निष्कर्ष

बिहार राज्य सरकार द्वारा जारी यह विशेष आकस्मिक अवकाश का नियम सरकारी महिला शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा साबित होगा। इससे उन्हें कार्यस्थल पर आने-जाने, पारिवारिक जिम्मेदारियों और व्यक्तिगत चुनौतियों के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी। शिक्षक समाज बिहार इस पहल का स्वागत करता है और सभी संबंधित हितधारकों से अपील करता है कि वे इस सुविधा का सही उपयोग करें और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें।


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यह लेख सरकारी महिला शिक्षिकाओं एवं सेविकाओं के लिए जारी विशेष आकस्मिक अवकाश के नए नियम एवं शर्तों पर प्रकाश डालता है। सभी शिक्षक इसे ध्यान से पढ़ें और अपने अधिकारों का संरक्षण करें!

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