प्रधान शिक्षक और हेडमास्टर नियुक्ति में देरी: आखिर क्या कारण है?
प्रधान शिक्षक और हेडमास्टर नियुक्ति में देरी: आखिर क्या कारण है?
शिक्षक समाज बिहार | https://biharteacherssociety.blogspot.com
by R.B. Raj
बिहार में प्रधान शिक्षक (HT) और हेडमास्टर (HM) की नियुक्ति को लेकर उम्मीदवारों में काफी असंतोष देखने को मिल रहा है। TRE-3 परीक्षा पास करने के बावजूद कई कैंडिडेट्स की काउंसिलिंग अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। कई अभ्यर्थी बार-बार काउंसिलिंग के लिए उपस्थित नहीं हो पा रहे हैं, जिससे यह प्रक्रिया लंबी खिंचती जा रही है।
1️⃣ HT/HM की नियुक्ति में देरी के कारण
➡️ (A) काउंसिलिंग की प्रक्रिया अधूरी
- कई उम्मीदवार संदेहास्पद (Doubtful) श्रेणी में रखे गए हैं, जिनका सत्यापन लंबित है।
- कुछ कैंडिडेट्स को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन या अन्य कारणों से बार-बार अनुपस्थित दिखाया जा रहा है।
- जब तक इनकी स्थिति स्पष्ट नहीं होती, काउंसिलिंग प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकती।
➡️ (B) TRE-3 अभ्यर्थियों को प्राथमिकता?
- TRE-3 के अभ्यर्थियों को मार्च में ही जॉइनिंग और ट्रेनिंग मिलने की खबरें आ रही हैं।
- सवाल यह उठता है कि HT/HM की बहाली की प्रक्रिया पहले शुरू हुई थी, फिर भी TRE-3 कैंडिडेट्स को पहले क्यों पोस्टिंग दी जा रही है?
➡️ (C) प्रशासनिक बाधाएं और सरकार की मंशा?
- कई उम्मीदवारों को संदेह हो रहा है कि सरकार की मंशा में ही खोट है।
- यदि सरकार वास्तव में नियुक्ति चाहती, तो सभी HT/HM कैंडिडेट्स की बहाली अब तक पूरी हो जानी चाहिए थी।
- यह देरी सुनियोजित रणनीति का हिस्सा भी हो सकती है, जिससे प्रक्रिया को धीमा किया जा रहा है।
2️⃣ सामाजिक और राजनीतिक कारण
🔴 (A) पुराने शिक्षक और BPSC अभ्यर्थियों की नाराजगी
- कुछ कैंडिडेट्स का मानना है कि पुराने शिक्षक और नए BPSC चयनित अभ्यर्थी HT/HM की नियुक्ति से खुश नहीं हैं।
- सोशल मीडिया पर जब वेतन बढ़ोतरी की चर्चा होती है, तो इन्हीं लोगों की नाराजगी साफ दिखाई देती है।
🔴 (B) बिहार के मूल निवासियों के खिलाफ भेदभाव
- यदि HT/HM पदों पर दूसरे राज्यों के उम्मीदवार सफल हुए होते, तो उनकी पोस्टिंग TRE-3 से पहले हो जाती।
- लेकिन बिहार के स्थानीय अभ्यर्थी अधिक सफल हुए हैं, जिसके चलते सरकार जानबूझकर देरी कर रही है।
3️⃣ समाधान क्या हो सकता है?
✅ सरकार को स्पष्ट बयान देना चाहिए कि HT/HM बहाली में देरी का कारण क्या है।
✅ सभी अभ्यर्थियों को एक समान अवसर मिलना चाहिए, TRE-3 और HT/HM में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए।
✅ यदि संदेहास्पद उम्मीदवारों की काउंसिलिंग अधूरी है, तो सरकार को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि कब तक पूरी होगी।
✅ सामूहिक रूप से विरोध दर्ज कराना चाहिए, ताकि प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
4️⃣ निष्कर्ष
HT/HM उम्मीदवारों को अपनी नियुक्ति में देरी का कारण समझने की आवश्यकता है। प्रशासनिक बाधाएं, राजनीतिक खेल और पूर्व नियोजित रणनीतियाँ – ये सभी कारक इस देरी के पीछे हो सकते हैं। यदि उम्मीदवार संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद करें, तो सरकार को जल्द से जल्द उचित निर्णय लेना पड़ेगा।
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यह लेख उन सभी शिक्षकों और अभ्यर्थियों के लिए है जो HT/HM की नियुक्ति में देरी से परेशान हैं। अपनी राय और सुझाव कमेंट में साझा करें ताकि हम सब मिलकर इस प्रक्रिया में सुधार की मांग कर सकें।
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