बिहार में विद्यालय निरीक्षण के नए दिशा-निर्देश
बिहार में विद्यालय निरीक्षण के नए दिशा-निर्देश
📌 संविदा कर्मियों के विद्यालय निरीक्षण पर रोक
बिहार शिक्षा विभाग ने विद्यालयों के निरीक्षण में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए संविदा एवं आउटसोर्स कर्मियों को निरीक्षण कार्य से हटा दिया है। अब केवल अधिकृत छह अधिकारी ही विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे।
🔹 निरीक्षण के लिए अधिकृत अधिकारी:
✔ जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO)
✔ जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO)
✔ कार्यक्रम पदाधिकारी
✔ प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO)
✔ अपर जिला कार्यक्रम समन्वयक (BEP)
✔ सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी (BEP)
इन अधिकारियों को प्रत्येक माह कम-से-कम 25 विद्यालयों का औचक निरीक्षण करना अनिवार्य होगा।
🔹 निरीक्षण की प्रक्रिया:
✅ विद्यालयों का चयन अपर मुख्य सचिव (ACS) द्वारा किया जाएगा।
✅ निरीक्षण की सूची एक दिन पूर्व रात 9 बजे मोबाइल पर भेजी जाएगी।
✅ निरीक्षण औचक (सरप्राइज) होंगे, किसी को पूर्व सूचना नहीं दी जाएगी।
✅ निरीक्षण के बाद रिपोर्ट ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।
🔹 निरीक्षण की गोपनीयता:
🔹 निरीक्षण के दिन विद्यालय के किसी भी शिक्षक या अन्य पदाधिकारी को पूर्व सूचना नहीं दी जाएगी।
🔹 निरीक्षण अधिकारी बिना बताए विद्यालय का दौरा करेंगे।
🔹 निरीक्षण के प्रमुख बिंदु:
📌 पठन-पाठन की स्थिति
📌 शिक्षकों व छात्रों की उपस्थिति
📌 मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता
📌 विद्यालय की आधारभूत संरचना
🔹 अनुशासनात्मक कार्रवाई:
❌ यदि किसी निरीक्षण प्रतिवेदन में गलत या भ्रामक जानकारी पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
🔹 विशेष निर्देश:
🔸 यदि कोई अधिकारी स्वास्थ्य कारणों से निरीक्षण करने में असमर्थ होता है, तो उसे अपर सचिव को तत्काल सूचना देनी होगी।
🔸 नई तिथि और विद्यालय की जानकारी ACS कार्यालय से दी जाएगी।
📢 जिलों को नया फॉर्मेट जारी:
शिक्षा विभाग ने निरीक्षण के लिए एक मानकीकृत फॉर्मेट जारी किया है। निरीक्षण के बाद इसी फॉर्मेट में रिपोर्ट जमा करनी होगी।
✅ नए दिशा-निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू
✅ विद्यालय निरीक्षण में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम
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