बिहार सरकार ने शिक्षकों के विशेष स्थानांतरण प्रक्रिया के लिए दिशानिर्देश जारी किए
बिहार सरकार ने शिक्षकों के विशेष स्थानांतरण प्रक्रिया के लिए दिशानिर्देश जारी किए
पटना, 07/02/2025 – बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के विशेष समस्या के आधार पर स्थानांतरण प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं। विभागीय आदेश (ज्ञापांक-2035 और 2036) के तहत, 1 दिसंबर 2024 से 15 दिसंबर 2024 तक लगभग 1,90,000 शिक्षकों के ऑनलाइन स्थानांतरण आवेदन प्राप्त किए गए थे। इन आवेदनों की समीक्षा के बाद विभाग ने चरणबद्ध तरीके से स्थानांतरण प्रक्रिया को लागू करने का निर्णय लिया है।
स्थानांतरण प्रक्रिया के चरणपहला चरण:
- असाध्य रोग (कैंसर, किडनी रोग, हृदय रोग, लीवर रोग) से ग्रसित शिक्षक
- दिव्यांगता के आधार पर नियुक्त शिक्षक
- ऑटिज्म या मानसिक दिव्यांगता वाले शिक्षक
दूसरा चरण:
- विधवा एवं परित्यक्ता शिक्षिकाएं
- पति/पत्नी के स्थानांतरण के आधार पर आवेदन करने वाले शिक्षक
तीसरा चरण:
- शिक्षिकाओं द्वारा ऐच्छिक स्थानांतरण
- पुरुष शिक्षकों द्वारा ऐच्छिक स्थानांतरण
शिक्षकों की ई-प्रोफाइल अपडेट करने का निर्देश
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई, निलंबन, निगरानी जांच, फर्जी नियुक्ति की जांच या अन्य गंभीर आरोप लंबित हैं, उनके प्रोफाइल में यह जानकारी अपडेट की जाएगी। इसके लिए ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर "Update Service Status" विकल्प के तहत आवश्यक जानकारी अपलोड करनी होगी।
इसके अतिरिक्त, यदि किसी शिक्षक पर सरकारी राशि बकाया है, तो भी इसकी प्रविष्टि ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर की जाएगी। ऐसे शिक्षकों का स्थानांतरण तभी संभव होगा जब बकाया राशि की वसूली कर ली जाए।
स्थानांतरण प्रक्रिया की समीक्षा के लिए समिति गठित
स्थानांतरण आवेदनों की समीक्षा के लिए 18 पदाधिकारियों की एक समिति बनाई गई है, जिसमें उप निदेशक (प्रशासन), विशेष कार्य पदाधिकारी, उच्च शिक्षा निदेशक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। इन पदाधिकारियों को ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अलग-अलग लॉगिन आईडी प्रदान की जाएगी, और उन्हें ऑनलाइन आवेदन की जांच करनी होगी।
विद्यालय आवंटन प्रक्रिया
शिक्षकों को उनके स्थानांतरण के अनुरूप विद्यालय आवंटित करने की प्रक्रिया भी ऑनलाइन होगी। शिक्षा विभाग ने जिलों को निर्देश दिया है कि वे अपनी रिक्तियों को ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपडेट करें, ताकि शिक्षकों को उचित विद्यालय मिल सके। यदि किसी जिले में वांछित रिक्तियां उपलब्ध नहीं हैं, तो आवेदन को अन्य जिलों में भेजा जाएगा।
स्थानांतरण आदेश एवं योगदान प्रक्रिया
स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद, संबंधित शिक्षकों को 7 कार्य दिवसों के भीतर नए विद्यालय में योगदान करना अनिवार्य होगा। यदि शिक्षक निर्धारित समय में योगदान नहीं करते हैं, तो उनकी नियुक्ति रद्द की जा सकती है।
विभागीय समिति द्वारा अंतिम निर्णय
सभी स्थानांतरण मामलों की अंतिम समीक्षा विभागीय स्थापना समिति द्वारा की जाएगी। समिति उन आवेदनों को मंजूरी देगी जो "Favourable Consideration" श्रेणी में आते हैं, जबकि "Not OK" श्रेणी के आवेदनों की पुन: जांच की जाएगी।
निष्कर्ष
बिहार सरकार का यह निर्णय शिक्षकों की विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए स्थानांतरण प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस पूरी प्रक्रिया को ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से संचालित किया जाएगा, जिससे अनियमितताओं को रोका जा सकेगा।
शिक्षक समाज बिहार
✍️R.B. Raj
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