फर्जी उपस्थिति रोकने को शिक्षकों को दोपहर में भी बनानी पड़ेगी हाजिरी
फर्जी उपस्थिति रोकने को शिक्षकों को दोपहर में भी बनानी पड़ेगी हाजिरी
शिक्षा विभाग बिहार सरकार के अपर मुख्य सचिव ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिया निर्देश
बिहार सरकार का शिक्षा विभाग स्कूलों में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रहा है। इसी क्रम में अब सरकारी प्रारंभिक विद्यालयों के शिक्षकों को स्कूल के खुलने और बंद होने के अलावा दोपहर में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।
इस संबंध में बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश जारी किया है। इस आदेश का मुख्य उद्देश्य मध्याह्न भोजन योजना में पारदर्शिता लाना और फर्जी उपस्थिति पर रोक लगाना है।
मध्याह्न भोजन योजना की निगरानी होगी कड़ी
निर्देशानुसार, मध्याह्न भोजन परोसने के बाद शिक्षकों को एक प्रमाणपत्र पर हस्ताक्षर करना अनिवार्य होगा, जिसमें विद्यालय के प्रधानाध्यापक, प्रधान शिक्षक और सभी उपस्थित शिक्षकों के हस्ताक्षर अंकित रहेंगे। इस प्रमाणपत्र को उसी दिन के मध्याह्न भोजन की सामग्री से संबंधित विपत्र के साथ संलग्न कर सुरक्षित रखा जाएगा।
बता दें कि जिले में लगभग 1580 प्रारंभिक विद्यालय संचालित हैं, जहां 12,000 से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं। इन सभी शिक्षकों को हर दिन इस प्रमाणपत्र पर हस्ताक्षर करना होगा।
फर्जी उपस्थिति पर लगेगी रोक
शिक्षा विभाग के इस नए निर्देश का उद्देश्य है:
✅ विद्यालयों में फर्जी उपस्थिति पर रोक लगाना
✅ मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करना
✅ बच्चों को इस योजना का पूरा लाभ दिलाना
बिना हस्ताक्षर अनुपस्थित माने जाएंगे शिक्षक
शिक्षकों को सुबह-शाम की उपस्थिति के अलावा अब दोपहर में भी अपनी हाजिरी बनानी होगी। यदि कोई शिक्षक प्रमाणपत्र पर हस्ताक्षर नहीं करते हैं, तो उन्हें अनुपस्थित माना जाएगा।
यदि किसी शिक्षक को मध्याह्न भोजन योजना की गुणवत्ता, मात्रा, या बच्चों की संख्या को लेकर कोई असहमति हो, तो वे इसे प्रमाणपत्र में अंकित कर सकते हैं।
स्वयंसेवी संस्थाओं के भुगतान के लिए अनिवार्य प्रमाणपत्र
अपर मुख्य सचिव के अनुसार, स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा संचालित मध्याह्न भोजन योजना के तहत स्कूलों से पूरे माह का प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद ही भुगतान किया जाएगा।
शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में कदम
बिहार सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय विद्यालयों में अनुशासन और पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल फर्जी उपस्थिति पर रोक लगेगी, बल्कि मध्याह्न भोजन योजना की गुणवत्ता भी सुनिश्चित होगी।
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✍️ R B Raj, शिक्षक समाज बिहार (Bihar Teachers Society) ब्लॉग के लिए
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