राज्य के 48,000 से अधिक बच्चे बनेंगे 'पुलिस कैडेट', अपराध रोकथाम में निभाएंगे भूमिका

राज्य के 48,000 से अधिक बच्चे बनेंगे 'पुलिस कैडेट', अपराध रोकथाम में निभाएंगे भूमिका

📍 पटना | विशेष रिपोर्ट

राज्य सरकार के गृह विभाग और बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की संयुक्त पहल से 'स्टूडेंट पुलिस कैडेट' (SPC) कार्यक्रम की शुरुआत हो चुकी है। इस योजना के तहत राज्य के 1100 सरकारी स्कूलों के 48,400 छात्र-छात्राएं 'पुलिस कैडेट' के रूप में प्रशिक्षित किए जाएंगे

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को पुलिस की जिम्मेदारियों और सामाजिक उत्तरदायित्व से अवगत कराना है, ताकि वे अपराध रोकथाम, सामुदायिक सेवा और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों पर जागरूक हों।


📌 कार्यक्रम की प्रमुख बातें

1100 सरकारी स्कूलों का चयन
प्रत्येक स्कूल से 9वीं से 12वीं कक्षा के 22 छात्र और 22 छात्राएं शामिल होंगी
40 पुलिस जिलों के 81 पुलिस पदाधिकारी और 38 जिलों के 76 शिक्षक (कुल 157 मास्टर ट्रेनर) बच्चों को प्रशिक्षित करेंगे
4 फरवरी से 15 फरवरी तक मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण चल रहा है
प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर स्कूलों में जाकर बच्चों को प्रशिक्षण देंगे


🎯 कैडेट्स को इन विषयों पर दी जाएगी ट्रेनिंग

🔹 मानव तस्करी और बाल श्रम की रोकथाम
🔹 भ्रष्टाचार, जातीय और लैंगिक भेदभाव के खिलाफ जागरूकता
🔹 महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा
🔹 आपदा प्रबंधन, धैर्य और सहनशीलता विकसित करना
🔹 कम्युनिटी पुलिसिंग (समुदाय और पुलिस के बीच समन्वय)

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के मन में पुलिस की सकारात्मक छवि बनाना और उन्हें समाज सेवा के लिए प्रेरित करना है।


🚔 दूसरे राज्यों में पहले से चल रहा है यह कार्यक्रम

🔹 राजस्थान, हरियाणा, ओडिशा और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में स्टूडेंट पुलिस कैडेट कार्यक्रम पहले से संचालित हो रहा है।
🔹 बिहार में भी इसी उद्देश्य से इसकी शुरुआत की गई है, ताकि बच्चों में नैतिकता और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित हो सके


📢 'स्टूडेंट पुलिस कैडेट' कार्यक्रम क्या है?

'स्टूडेंट पुलिस कैडेट' (SPC) कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूली बच्चों को पुलिसिंग और समुदाय सेवा के बारे में जागरूक करना और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करना है।

इस पहल के तहत बच्चे पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षित किए जाएंगे और उन्हें अपराध रोकथाम तथा सुरक्षा के विभिन्न उपायों की जानकारी दी जाएगी।

इससे बच्चों में नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी, जो उन्हें समाज का जिम्मेदार नागरिक बनाएगी

✍️ रिपोर्ट: R.B. Raj

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