1.90 लाख शिक्षकों का ट्रांसफर श्रेणी क्रम में होगा, बनी अधिकारियों की टीम

1.90 लाख शिक्षकों का ट्रांसफर श्रेणी क्रम में होगा, बनी अधिकारियों की टीम

शिक्षक समाज बिहार  (Bihar Teachers Society)

बिहार के सरकारी स्कूलों में 1.90 लाख शिक्षकों के ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह स्थानांतरण श्रेणी क्रम में किया जाएगा, जिसके लिए अधिकारियों की विशेष टीम गठित की गई है। इस प्रक्रिया में लॉगिन और पासवर्ड आधारित डिजिटल प्रणाली अपनाई जाएगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। प्रत्येक शिक्षक को उनके द्वारा चयनित पंचायत और नगर निकाय के विकल्प के आधार पर स्कूल आवंटित किया जाएगा। यदि किसी क्षेत्र में एक से अधिक स्कूलों में रिक्तियां होंगी, तो स्थानांतरण घटते क्रम में किया जाएगा।

शिक्षकों के ट्रांसफर की पूरी प्रक्रिया चरणबद्ध और श्रेणीवार होगी, ताकि न्यायसंगत तरीके से सभी शिक्षकों को उचित स्थान पर पदस्थापित किया जा सके। इस कार्य के लिए 16 अधिकारियों की टीम गठित की गई है, जो प्राप्त आवेदनों की स्क्रूटनी चरणवार करेगी।

स्थानांतरण की श्रेणियां

शिक्षकों के ट्रांसफर को निम्नलिखित चार चरणों में विभाजित किया गया है:

पहला चरण:

  • असाध्य रोग से ग्रसित शिक्षक
  • गंभीर रोगों से पीड़ित शिक्षक
  • दिव्यांगता, ऑटिज्म और मानसिक दिव्यांगता से प्रभावित शिक्षक
  • विधवा एवं परित्यक्ता शिक्षिकाएं

दूसरा चरण:

  • पति-पत्नी के समान जिले या समान स्कूल में पदस्थापना के आधार पर आवेदन करने वाले शिक्षक

तीसरा चरण:

  • महिला शिक्षकों द्वारा पदस्थापन की दूरी के कारण किए गए आवेदन

चौथा चरण:

  • पुरुष शिक्षकों द्वारा पदस्थापन की दूरी के कारण किए गए आवेदन

ट्रांसफर प्रक्रिया ऐसे होगी

यदि किसी स्कूल में शिक्षकों के विभिन्न पद रिक्त हैं, तो प्राथमिकता ऐसे तय होगी:

  • तीन या अधिक रिक्त पद वाले विद्यालयों को पहले आवंटित किया जाएगा।
  • वेतनमान के तीन, विद्यालय अध्यापक के दो और विशिष्ट शिक्षक का एक पद रिक्त होने की स्थिति में सबसे पहले तीन रिक्त पद वाले विद्यालयों को वरीयता मिलेगी।

अंतर-जिला ट्रांसफर में प्रक्रिया:

  • एक से अधिक जिलों में ट्रांसफर के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों का क्रमबद्ध स्थानांतरण किया जाएगा।
  • यदि शिक्षक द्वारा मांगे गए पहले जिले में रिक्तियां उपलब्ध नहीं हैं, तो उसे दूसरे प्राथमिकता वाले जिले में ट्रांसफर किया जाएगा।
  • डीईओ (जिला शिक्षा पदाधिकारी) की स्वीकृति मिलने के बाद ही यह जानकारी प्राथमिक शिक्षा निदेशक को भेजी जाएगी।

अंतर-जिला ट्रांसफर की विशेष शर्तें:

  • दोनों जिलों के डीईओ से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) अनिवार्य होगा।
  • स्थानांतरण के दौरान शिक्षकों को किसी भी अनियमितता से बचाने के लिए पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

शिक्षकों की उम्मीदें और निष्पक्ष प्रक्रिया की मांग

शिक्षक समाज बिहार टीचर समिति ने इस प्रक्रिया को शिक्षकों के हित में बताया है, लेकिन साथ ही मांग की है कि ट्रांसफर पूरी तरह निष्पक्ष और मेरिट आधारित हो। समिति का कहना है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी भ्रष्टाचार या पक्षपात न हो और सभी शिक्षक उनके अधिकारों के अनुसार स्थानांतरित किए जाएं।

सरकार द्वारा गठित अधिकारियों की टीम को सभी आवेदनों की निष्पक्षता से जांच करने और सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि सभी शिक्षकों को उचित विद्यालयों में भेजा जाए

शिक्षक समाज बिहार (Bihar Teachers Society) बिहार के सभी शिक्षकों के साथ खड़ी है और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि ट्रांसफर प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता और न्यायसंगत तरीकों से पूरी की जाए।

✍️ लेख: R.B. Raj
📝 प्रकाशित: शिक्षक समाज बिहार 

Bihar Teachers Society 

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